WhatsApp Message – Safal Jeewan ka Raj

एक बेटे ने पिता से पूछा – पापा ये ‘सफल जीवन’ क्या होता है ?

पिता, बेटे को पतंग उड़ाने ले गए।
बेटा पिता को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था…

थोड़ी देर बाद बेटा बोला,
पापा.. ये धागे की वजह से पतंग और ऊपर नहीं जा पा रही है, क्या हम इसे तोड़ दें !!
ये और ऊपर चली जाएगी…

पिता ने धागा तोड़ दिया ..

पतंग थोड़ा सा और ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आइ और दूर अनजान जगह पर जा कर गिर गई…

तब पिता ने बेटे को जीवन का दर्शन समझाया .,,,,

बेटा..
‘जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर हैं..
हमें अक्सर लगता की कुछ चीजें, जिनसे हम बंधे हैं वे हमें और ऊपर जाने से रोक रही हैं

जैसे :
घर,
परिवार,
अनुशासन,
माता-पिता आदि
और हम उनसे आजाद होना चाहते हैं…
वास्तव में यही वो धागे होते हैं जो हमें उस ऊंचाई पर बना के रखते हैं..
इन धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जायेंगे
परन्तु
बाद में हमारा वो ही हश्र होगा जो
बिन धागे की पतंग का हुआ…’

“अतः जीवन में यदि तुम ऊंचाइयों पर बने रहना चाहते हो तो, कभी भी इन धागों से रिश्ता मत तोड़ना..”
” धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली हुई ऊंचाई को ही ‘सफल जीवन’ कहते हैं “.

Sharab ki Rates kam karne ka Aavedan Patra

सेवा में
कलेक्टर महोदय

विषय- शराब के रेट कम करने के लिए आवेदन

श्रीमान जी,
निवेदन यह है की हम सब शराब दुकान के नियमित उपभोक्ता है। इन दिनो शराब के मूल्य काफी अधिक बढ़ चुके है जिससे हमारी आर्थिक स्थिति काफी गड़बड़ा गई है। नियमित दारू न पीने के कारण हमारे जीवन मानसिक एवम शारीरिक में असुविधायें हो रही है।जिससे आज कल कार्यालय के कार्यो पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है।चुकि अधिक मूल्य पर दारू पीने से परिवार के भरण पोषण में परेशानिया आ रही है। यही नहीं दारु के अकारण ही दाम बढ़ने के सामाजिक परिणाम भी देखें जा रहे है। जैसे की देश भर ख़ास कर दिल्ली पंजाब हरियाणा के इलाको में अंग्रेजी बोलने वालो की संख्या में भारी कमी आई है। साथ ही दारु के मूल्य बढ़ने के पश्चात् शादी इत्यादि में नाचने वालो की संख्या भी काफी कमी आई है।और नागिन डान्स तो देखने को ही नही मिलता

अतः आप महोदय से निवेदन है की शराब दुकानदार को शीघ्र निर्देशित कर शराब के मूल्य कम कराये जाये जिससे हम उपभोक्ताओ को राहत मिले।

भवदीय
समस्त सम्मानीय पियक्कड़ गण।

Funny Journalist Joke – Patrakar aur bakre!

एक टी.वी. पत्रकार एक किसान का इंटरव्यू ले रहा था…

पत्रकार : आप बकरे को क्या खिलाते हैं…??
किसान : काले को या सफ़ेद को…??

पत्रकार : सफ़ेद को..
किसान : घाँस..

पत्रकार : और काले को…??
किसान : उसे भी घाँस..

पत्रकार : आप इन बकरों को बांधते कहाँ हो…??
किसान : काले को या सफ़ेद को…??

पत्रकार : सफ़ेद को..
किसान : बाहर के कमरे में..

पत्रकार : और काले को…??
किसान : उसे भी बाहर के कमरे में…

पत्रकार : और इन्हें नहलाते कैसे हो…??
किसान : किसे काले को या सफ़ेद को…??

पत्रकार : काले को..
किसान : जी पानी से..

पत्रकार : और सफ़ेद को…??
किसान : जी उसे भी पानी से..

पत्रकार का गुस्सा सातवें आसमान पर, बोला : कमीने ! जब दोनों के साथ सब कुछ एक जैसा करता है, तो मुझे बार-बार क्यों पूछता है.. काला या सफ़ेद…????

किसान : क्योंकि काला बकरा मेरा है…
पत्रकार : और सफ़ेद बकरा…??
किसान : वो भी मेरा है…

पत्रकार बेहोश…

होश आने पे किसान बोला अब पता चला कमीने जब तुम एक ही news को सारा दिन घुमा फिरा के दिखाते हो हम भी ऐसे ही दुखी होते है।

Happy Rakshbandhan – WhatsApp Message

कैसी भी हो एक
बहन होनी चाहिये……….।
.
बड़ी हो तो माँ- बाप से बचाने वाली.
छोटी हो तो हमारे पीठ पिछे छुपने वाली……….॥
.
बड़ी हो तो चुपचाप हमारे पाँकेट मे पैसे रखने वाली,
छोटी हो तो चुपचाप पैसे निकाल लेने वाली………॥
.
छोटी हो या बड़ी,
छोटी- छोटी बातों पे लड़ने वाली,एक बहन होनी चाहिये…….॥
.
बड़ी हो तो ,गलती पे हमारे कान खींचने वाली,
छोटी हो तो अपनी गलती पर, साँरी भईया कहने वाली…

खुद से ज्यादा हमे प्यार करने वाली एक बहन होनी चाहिये…. ….॥
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाए!

WhatsApp Messages ki Variety

ईस व्हाट्सएप्प के चक्कर में
दिमाग के नट बोल्ट ढीले हो
गये हैं..

एक सेकंड में मिजाज़ शायराना
हो जाता है और अगले ही सेकंड
में देश भक्ति जाग ऊठती हैं. ✊

ऊसके फौरन बाद सनी लिओनी
आती है. ☺

तभी अचानक कोई ग्यानी भगवान
बुद्ध और विवेकानन्द की चार
लाईने भेजता है.✋

ऊसके बाद कोई दुखी आत्मा
बिवीयों पर जोक भेजकर अपनी
मर्दानगी साबित करने की कोशिश
करता है।

और जब थोड़ा सकुन मिलने का
समय आने ही वाला होता है,
तब एक डरावना फारवर्ड
साई के नामसे आता है कि
ईसे दस लोगों को भेजो तो लाटरी
लगेगी वर्ना सत्यानाश होगा।

इसके बाद दिमाग का दहीबड़ा
तब होता है जब कोई
क्विज ले के आता है।

मनुष्य का इतने तेजी से ह्रदय
परिवर्तन तो सिर्फ व्हाट्सअँप पर
ही हो सकता है।

जब भी whatsapp खोलो,
लगता है whatsapp नही
हरिद्वार आ गए है…
इतना अथाह ज्ञान बरसता है
कि मन एकदम शुद्ध हो जाता है…
सभी whatsapp संतो को कोटि-कोटि नमन..