Funny Mobile Poem / Shayari

ये मोबाइल यूँ ही हट्टा कट्टा नहीं बना…

बहुत कुछ खाया – पीया है इसने

ये हाथ की घड़ी खा गया,
ये टॉर्च – लाईट खा गया,
ये चिट्ठी पत्रियाँ खा गया,
ये किताब खा गया।

ये रेडियो खा गया
ये टेप रिकॉर्डर खा गया
ये कैमरा खा गया
ये कैल्क्युलेटर खा गया।

ये पड़ोस की दोस्ती खा गया,
ये मेल – मिलाप खा गया,
ये हमारा वक्त खा गया,
ये हमारा सुकून खा गया।

ये पैसे खा गया,
ये रिश्ते खा गया,
ये यादास्त खा गया,
ये तंदुरूस्ती खा गया।

कमबख्त इतना कुछ खाकर ही स्मार्ट बना,
बदलती दुनिया का ऐसा असर होने लगा,
आदमी पागल और फोन स्मार्ट होने लगा।

जब तक फोन वायर से बंधा था,
इंसान आजाद था।
जब से फोन आजाद हुआ है,
इंसान फोन से बंध गया है।

ऊँगलिया ही निभा रही रिश्ते आजकल,
जुबान से निभाने का वक्त कहाँ है?
सब टच में बिजी है,
पर टच में कोई नहीं है।

Chaar ka Chamatkar – Funny WhatsApp Message

चार Ka चमत्कार

Hum भारतीयों के Jeevan में 4 नंबर का बहुत महत्व है

जैसे

🌹4 Din की चांदनी और फिर अंधेरी Raat है🌌 😎

🌹4 किताबें📚 पढ़ क्या लीं खुद को गवर्नर समझता है😎
😄😄
🌹4 Paise 💵 कमाओगे Tab Pata चलेगा।😎
⭐ ⭐
🌹4-4 पैसे में Bikti है Aaj के दौर में ईमानदारी😎
⭐⭐
🌹आखिर Humari भी 4 लोगों में कोई Izzat है😎
⭐⭐
🌹यह बात 4 Log सुनेंगे तो Kya सोचेंगे।😎

🌹4 Dino Ki आई हुई बहू👰 के Aise तेवर😎
⭐⭐
🌹4 Din तो दुकान में Tik kar बैठ जाओ😎

🌹Wo आई और 4 Baatein Suna kar चली💃गई 😎
⭐⭐
🌹Tumse क्या 4 Kadam 🏃भी नहीं चला जाता 😎
⭐⭐⭐
आंखे 4 हो गयी
⭐⭐⭐⭐⭐⭐
4 चाँद लगा दिए
☀☀☀☀☀☀

और Last में
😜😝😝
🌹4 बोतल Vodka🍸काम मेरा Roz का….

😎इतना ही नहीं
🤠अंत में 4 लोगों के कंधे पर जाना भी है।🤓
😜😂😂😂
😍अब ज़रा 4 मिनट का समय निकल कर 4 लोगों को जरूर भेजें , क्योंकि
😇4 Log पढ़ेंगे तो कम से कम
🌹4 पल के लिए ही सही मुस्कुराएंगे तो ज़रूर 😍

Achche Log – WhatsApp Message

अगर गिलास दूध से भरा हुआ है तो,
आप उसमे और दूध नहीं डाल सकते.

लेकिन आप उसमें शक्कर डाले तो,
शक्कर अपनी जगह बना लेती है …
और अपना होने का अहसास दिलाती है.

उसी प्रकार,
अच्छे लोग हर किसी के दिल में,
अपनी जगह बना लेते हैं …..

Bhai – Behen aur Parivar – WhatsApp Message

—— बड़े होकर भाई-बहन ——
—— कितने दूर हो जाते हैं ——
—— इतने व्यस्त हैं सभी ——
—— कि मिलने से भी मजबूर हो जाते हैं ——

—— एक दिन भी जिनके बिना ——
—— नहीं रह सकते थे हम ——
—— सब ज़िन्दगी में अपनी ——
—— मसरूफ हो जाते हैं ——

—— छोटी-छोटी बात बताये बिना ——
—— हम रह नहीं पाते थे ——
—— अब बड़ी-बड़ी मुश्किलों से ——
—— हम अकेले जूझते जाते हैं ——

—— ऐसा भी नहीं ——
—— कि उनकी एहमियत नहीं है कोई ——
—— पर अपनी तकलीफें ——
—— जाने क्यूँ उनसे छिपा जाते हैं ——

—— रिश्ते नए ——
—— ज़िन्दगी से जुड़ते चले जाते हैं ——
—— और बचपन के ये रिश्ते ——
—— कहीं दूर हो जाते हैं ——

—— खेल-खेल में रूठना-मनाना ——
—— रोज़-रोज़ की बात थी ——
—— अब छोटी सी भी गलतफहमी से ——
—— दिलों को दूर कर जाते हैं ——

—— सब अपनी उलझनों में ——
—— उलझ कर रह जाते हैं ——
—— कैसे बताए उन्हें हम ——
—— वो हमें कितना याद आते हैं ——

—— वो जिन्हें एक पल भी ——
—— हम भूल नहीं पाते हैं ——
—— बड़े होकर वो भाई-बहन ——
—— हमसे दूर हो जाते हैं ——

सिर्फ बीवी बच्चे ही आपका परिवार नहीं है, भाई बहन भी है, जो इनसे पहले से आपके साथ थे – हैं और रहेंगे।

Bhartiya Naari – WhatsApp Message

मैं एक नारी हुँ प्रेम चाहती हूँ और कुछ नही…..

मैं एक नारी हूँ,मैं सब संभाल लेती हूँ
हर मुश्किल से खुद को उबार लेती हूँ

नहीं मिलता वक्त घर गृहस्थी में
फिर भी अपने लिए वक्त निकाल लेती हूँ

टूटी होती हूँ अन्दर से कई बार मैं
पर सबकी खुशी के लिए मुस्कुरा लेती हूँ

गलत ना होके भी ठहराई जाती हूँ गलत
घर की शांति के लिए मैं चुप्पी साध लेती हूँ

सच्चाई के लिए लड़ती हूँ सदा मैं
अपनों को जिताने के लिए हार मान लेती हूँ

व्यस्त हैं सब प्यार का इजहार नहीं करते
पर मैं फिर भी सबके दिल की बात जान लेती हूँ

कहीं नजर ना लग जाये मेरी अपनी ही
इसलिए पति बच्चों की नजर उतार लेती हूँ

उठती नहीं जिम्मेदारियाँ मुझसे कभी कभी
पर फिर भी बिन उफ किये सब संभाल लेती हूँ

बहुत थक जाती हूँ कभी कभी
पति के कंधें पर सर रख थकन उतार लेती हूँ

नहीं सहा जाता जब दर्द,औंर खुशियाँ
तब अपनी भावनाओं को कागज पर उतार लेती हूँ

कभी कभी खाली लगता हैं भीतर कुछ
तब घर के हर कोने में खुद को तलाश लेती हूँ

खुश हूँ मैं कि मैं किसी को कुछ दे सकती हूँ
जीवनसाथी के संग संग चल सपने संवार लेती हूँ

हाँ मैं एक नारी हूँ,मैं सब संभाल लेती हूँ
अपनों की खुशियों के लिए अपना सबकुछ वार देती हूँ।